आसनसोल। साइबर क्रिमिनलों
ने हताश और दुखी लोगों को अपना शिकार बनाना शुरू कर दिया है। घटना वीरभूम जिला मुख्यालय
सिउड़ी के सदर थाना
क्षेत्र की है। लालटू
बाउरी का 22 वर्षीय पुत्र रंजन मानसिक रूप से बीमार है। कुछ महीने पहले इलाज के दौरान
वह बर्दवान से रहस्यमय तरीके से गायब हो गया था। काफी तलाश के बाद भी उसका कोई सुराग
नहीं मिला। परिजनों ने मेले से लेकर कई सार्वजनिक स्थलों पर पोस्टर लगाए थे। उसमें
उन्होंने कनेक्टिंग नंबर दिया था। साइबर क्रिमिनलों ने इसे हथियार बनाया। लालटू को
शनिवार की सुबह अनजान नंबर से कॉल आया। दावा किया गया कि रंजन का अपहरण किया गया है।
तंत्र साधना से उसकी सकुशल रिहाई हो सकती है। इस कर्मकांड के लिए हरिण का दूध, उसके
चमड़े सहित कई सामग्रियां मांगी गई। सामग्री उपलब्ध न होने पर 3500 रुपये की मांग की
गई। धमकी दी गई कि भुगतान न मिलने पर रंजन को बेच दिया जायेगा। परिजनों ने पुलिस से
संपर्क किया है। सिउरी थाने में FIR के बाद जांच शुरू की गई है। यह कॉल संभवत: परिवार
की लापता युवक को ढूंढने की कोशिशों का फायदा उठाकर पैसे ऐंठने के इरादे से किया गया
था। पुलिस तंत्र साधना की धमकी देकर धोखाधड़ी के आरोपों की जांच कर रही है। जांच अधिकारी
उस फ़ोन नंबर को भी ट्रैक कर रहे हैं जिससे परिवार से संपर्क किया गया था।

