बोकारो : पिता के पिंडदान की आस लेकर महाराष्ट्र के गोंदिया से निकले 63 साल के सुरेश कुमार भोलवानी आज बोकारो रेलवे स्टेशन पर हुये एक दर्दनाक हादसे का शिकार हो गये। हादसा प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर सुबह करीब 9.17 बजे हुआ। सुरेश अपने दो भांजों के साथ चेरलापल्ली-पटना स्पेशल ट्रेन से गया जा रहे थे। ट्रेन बोकारो स्टेशन से रवाना होने लगी तो वह पानी की बोतल लेने के लिये नीचे उतरे। पानी लेकर वापस लौटे, लेकिन तब तक ट्रेन चल पड़ी थी। उन्होंने चलती ट्रेन में चढ़ने की कोशिश की। इसी दौरान उनका संतुलन बिगड़ गया और वह ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच जा गिरे। कुछ ही पलों में स्टेशन पर चीख-पुकार मच गई। प्लेटफॉर्म पर ड्यूटी कर रहीं महिला कॉन्स्टेबल एम. जिना पात्रों की नजर जैसे ही सुरेश कुमार पर पड़ी, वह उन्हें बचाने के लिये दौड़ पड़ीं। लेकिन तब तक हादसा हो चुका था। सुरेश का पैर और शरीर का कुछ हिस्सा ट्रेन तथा प्लेटफॉर्म के बीच फंस गया था। महिला कॉन्स्टेबल ने तत्काल ट्रेन रुकवाने की पहल की। ट्रेन रुकने के बाद रेलवे कर्मियों की मदद से काफी मशक्कत के बाद सुरेश को बाहर निकाला गया। रेलवे चिकित्सक को मौके पर बुलाया गया, लेकिन जांच के बाद उन्होंने सुरेश कुमार को मृत घोषित कर दिया। सुरेश ट्रेन के एसी कोच एम-7 में यात्रा कर रहे थे। वह महाराष्ट्र के गोंदिया जिले में सिंधु भवन, सिविल लाइन के निकट काली मंदिर इलाके के रहने वाले थे।
ব্রেকিং নিউজ
पिता का पिंडदान करने जा रहे थे गया, बोकारो में गोंदिया निवासी की मौत
महाराष्ट्र के गोंदिया निवासी 63 वर्षीय सुरेश कुमार भोलवानी बोकारो रेलवे स्टेशन पर पिता का पिंडदान करने गया जाते समय एक दर्दनाक हादसे का शिकार हो गए। चलती ट्रेन में चढ़ने के दौरान पैर फिसलने से वह प्लेटफॉर्म और ट्रेन के बीच आ गए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस दुखद घटना ने एक बार फिर रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की सुरक्षा और चलती ट्रेन में जल्दबाजी के खतरों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

बोकारो स्टेशन पर परिजन|Arthik Dhara Photo
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