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डीसीए की एजीएम पर घमासान, पूर्व सदस्यों ने खोला मोर्चा/न्याय के लिए अदालत जाने की चेतावनी

धनबाद क्रिकेट एसोसिएशन (डीसीए) की वार्षिक आमसभा के दौरान पूर्व सदस्यों ने नई सदस्यता सूची में वरिष्ठ सदस्यों के नाम हटाने और छपाई की त्रुटियों के कारण मोर्चा खोला। पूर्व सदस्यों ने अदालत जाने की चेतावनी दी है और न्याय के लिए कानूनी कदम उठाने की तैयारी की घोषणा की है।

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September 22, 2026 at 09:25 PM
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डीसीए की एजीएम पर घमासान, पूर्व सदस्यों ने खोला मोर्चा/न्याय के लिए अदालत जाने की चेतावनी
डीसीए की एजीएम के दौरान घमासान, पूर्व सदस्यों ने मोर्चा खोला|Arthik Dhara Photo

धनबाद : धनबाद क्रिकेट एसोसिएशन (डीसीए) की मंगलवार को संपन्न वार्षिक आमसभा (एजीएम) और नई सदस्यता सूची को लेकर विवाद गहरा गया है। सर्किट हाउस में पूर्व डीसीए सदस्यों ने प्रेस वार्ता कर एसोसिएशन की कार्यप्रणाली और सदस्यता सूची पर गंभीर सवाल उठाए। एस.ए. रहमान, संतोष सिंह, सम्राट चौधरी और महफूज आलम समेत कई पूर्व सदस्य प्रेस वार्ता में मौजूद रहे।
पूर्व सदस्यों ने आरोप लगाया कि एजीएम के दौरान जारी नई सदस्यता सूची और वार्षिक बुक में कई वरिष्ठ सदस्यों के नाम बिना स्पष्ट और वैध कारण के हटा दिए गए हैं। उनका कहना था कि सूची में कई स्तर पर छपाई की त्रुटियां हैं और कुछ जगहों पर पेन से सुधार किए गए हैं। वक्ताओं ने नामों के गायब होने और सूची में किए गए बदलावों को लेकर एसोसिएशन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया।
नए सदस्यों के शामिल होने पर भी उठे सवाल
प्रेस वार्ता में वक्ताओं ने कहा कि पूर्व टेस्ट क्रिकेटर सैयद सबा करीम समेत 16 नए मानद सदस्यों और 27 नए जनरल सदस्यों को शामिल किया गया है। उन्होंने खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि क्रिकेट के विकास के लिए नए सदस्यों का जुड़ना स्वागत योग्य है, लेकिन पुराने और वरिष्ठ सदस्यों के नाम सूची से हटाए जाने के मामलों को स्पष्ट किया जाना चाहिए।
पूर्व सदस्यों ने कहा कि सदस्यता सूची में पारदर्शिता और नियमों का पालन होना जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ सदस्यों के साथ न्यायसंगत प्रक्रिया नहीं अपनाई गई है। इस मामले को लेकर उन्होंने आगे कानूनी कदम उठाने की बात कही।
‘न्याय के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे’
पूर्व डीसीए सदस्यों ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी आपत्तियों का समाधान नहीं हुआ तो वे न्याय के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे। उन्होंने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और सदस्यता सूची से जुड़े विवाद का समाधान कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से कराने के लिए वे तैयार हैं।
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