सिलिगुड़ी। दुर्गा पूजा
के पांच दिनों के दौरान नॉर्थ बंगाल मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में 127 मरीज़ों की मौत हो गई। अस्पताल
अधीक्षक के अनुसार महाषष्ठी से लेकर विजयादशमी तक इतने मरीज़ों की मौत हुई। डॉक्टरों
की कमी के कारण नर्सिंग होम से कई मरीज़ों को मरणासन्न हालत में अस्पताल लाया गया था।
मृतकों में ऐसे मरीजों की संख्या अधिक थी। पिछले वर्ष 2025 में दुर्गा पूजा के इन्हीं
पांच दिनों में इस अस्पताल में 77 मरीज़ों की मौत हुई थी। और इस साल, मौतों की संख्या
में 65 फीसदी से अधिक की वृद्धि हो गई। दुर्गा पूजा के दौरान अस्पताल में डॉक्टर और
सीनियर डॉक्टर मौजूद रहते हैं। पूरे मामले की जांच चल रही है।
जूनियर डॉक्टरों का
आरोप है कि दुर्गा पूजा की छुट्टियों से पहले उन्हें बताया गया था कि उन्हें तय शेड्यूल
के अनुसार काम करना होगा। ड्यूटी किसी भी तरह से नहीं बदली जा सकती। सीनियर डॉक्टरों
के मामले में यह नियम प्रभावी नहीं था। दुर्गा पूजा के 5 दिनों में नॉर्थ बंगाल के
अलग-अलग हॉस्पिटल और नर्सिंग होम से रेफर किए गए मरीज़ों की संख्या काफी ज़्यादा थी।
अस्पताल अधीक्षक कौशिक इशोर के अनुसार इलाज में लापरवाही से मरीज़ों की मौत होने के
आरोप सही नहीं हैं। ज़्यादातर मृतक आस-पास के अलग-अलग अस्पतालों और नर्सिंग होम से
रेफर किए गए थे।

