आसनसोल। राज्य सरकार
ने 'मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा' शुरू की है, ताकि कोई भी योग्य परिवार हेल्थ इंश्योरेंस
के फ़ायदों से वंचित न रहे। घर-घर जाकर सर्वे चल रहा है। इसी बीच बड़ा खुलासा हुआ है।
स्वास्थ्य साथी स्कीम के 30 लाख बेनिफिशियरी गायब हैं। नवान्न सूत्रों के मुताबिक,
यह संख्या और बढ़ सकती है। एडमिनिस्ट्रेटिव सूत्रों के मुताबिक, स्वास्थ्य साथी स्कीम
में जिन कई बेनिफिशियरी के नाम थे, उनकी पहचान नहीं हो पा रही है। नकली बेनिफिशियरी
को सर्विस देने के लिए अनुमानित रकम 25 हजार करोड़ रुपये से ज़्यादा की राशि गलत तरीके
से खर्च की गई है। राज्य प्रशासन के बड़े अधिकारी भी मान रहे हैं कि लक्ष्मी भंडार
और दूसरी स्कीमों की तरह स्वास्थ्य साथी स्कीम में भी कई फ़र्ज़ी लाभार्थी हैं। इसलिए,
'मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना' स्कीम की लाभार्थी लिस्ट तैयार करते समय सही वेरिफ़िकेशन
का ध्यान रखा गया है।
नवान्न के बड़े अधिकारी
ने बताया कि बेनिफिशियरी की जानकारी चेक करने पर पता चला कि कई बेनिफिशियरी के नाम
पर स्वास्थ्य साथी कार्ड तो हैं, लेकिन वे हैं ही नहीं। राज्य सरकार ने सरकारी स्कीम
की बेनिफिशियरी लिस्ट को वेरिफाई करने और असली बेनिफिशियरी की पहचान करने पर खास ध्यान
दिया है। अगर सर्वे के जरिए नकली बेनिफिशियरी को खत्म किया जा सके, तो सरकारी पैसे
की बर्बादी रोकी जा सकती है। इस बारे में राज्य के हेल्थ मिनिस्टर डॉ. शरदवत मुखर्जी
ने कहा कि करीब 30 लाख नकली बेनिफिशियरी मिले हैं। इसलिए स्वास्थ्य साथी स्कीम को लेकर
सही एक्शन लेने के निर्देश दिए गए हैं।

