Arthik Dhara
बाज़ार

दुर्गोत्सव में फैशन ट्रेडिशन, इनोवेशन, कम्फर्ट का मिक्स, ‘घुंघरू’ साड़ी की धूम

पश्चिम बंगाल के आसनसोल में दुर्गापूजा के इस सीजन में फैशन, ट्रेडिशन और कम्फर्ट का बेहतरीन मेल देखने को मिल रहा है, जहां 'घुंघरू' साड़ियों और नए फैब्रिक्स की जबरदस्त मांग है। बाजार में पारंपरिक परिधानों के साथ-साथ वेस्टर्न और एक्सपेरिमेंटल कपड़ों की भी भारी बिक्री हो रही है, जिससे स्थानीय व्यापार को बड़ा बढ़ावा मिला है। ज्वेलरी और विभिन्न रंगों के ट्रैंड ने इस त्योहारी सीजन में खुदरा बाजार की अर्थव्यवस्था को और मजबूत कर दिया है।

आर्थिक धारा डेस्क
आर्थिक धारा डेस्क
7 अक्टूबर 2026 को 10:29 pm बजे
WhatsApp
दुर्गोत्सव में फैशन ट्रेडिशन, इनोवेशन, कम्फर्ट का मिक्स, ‘घुंघरू’ साड़ी की धूम
साड़ियों का प्रतीकात्मक कलेक्शन |Arthik Dhara Photo

आसनसोल। बंगाल में सबसे बड़ा त्यौहार दुर्गापूजा है। बंगाली समुदाय इसे दुर्गोत्सव के रूप में सेलीब्रेट करता है। उत्सव तो युवतियों और महिलाओं के लिए खास होता है। क्योंकि उन्हें संवरने का मौका मिलता है। इसमें परिधान की मुख्य भूमिका होती है। इस बार दुर्गा पूजा का फैशन ट्रेडिशन, इनोवेशन और कम्फर्ट का मिक्स है। ट्रेडिशनल साड़ियों से लेकर रेज़िन चूड़ियों तक, बच्चों के आरामदायक कपड़ों से लेकर नई तरह की ज्वेलरी तक, ट्रेडिशनल कपड़ों के साथ-साथ खरीदारों में एक्सपेरिमेंट करने का भी ट्रेंड है।

ट्रेडिशनल कपड़ों की लिस्ट में साड़ियां सबसे पॉपुलर दिख रही है। उनके सिलेक्शन में बदलाव आया है। सूरत की ‘घुंघरू’ साड़ियों की डिमांड सबसे अधिक है। नेट फैब्रिक और ब्लाउज पर बारीक काम वाली इन साड़ियों की बहुत डिमांड है। इसके साथ ही गाज़ी सिल्क, चंदेरी, टिशू, ऑर्गेंजा, ब्रोकेड, मटका, कोटकी, कस्टमाइज़्ड शिफॉन और बनारसी मलमल से बनी साड़ियां भी धड़ल्ले से बिक रही हैं। इस सीजन में थ्री-पीस सेट, सलवार-कमीज और स्ट्रेट-कट ड्रेस की डिमांड ज़्यादा है। फ्रेंच स्टाइल डिज़ाइन खूब बिक रहे हैं। वेस्टर्न कपड़ों में बॉडीकॉन सिल्हूट और टू-पीस ड्रेस की डिमांड बढ़ी है। बॉडीकॉन ड्रेस सबसे ज़्यादा बिक रही हैं। टू-पीस भी खूब बिक रहे हैं।

आसनसोल कोयलांचल में अलग-अलग तरह के फ़ैब्रिक भी धूम मचा रहे हैं। रोमन ग्लास, मलमल और चंदेरी जैसे फ़ैब्रिक लोगों का ध्यान खींच रहे हैं। हालांकि पिछले सीज़न में रोमन सिल्क पॉपुलर था, लेकिन इस बार रोमन ग्लास की डिमांड काफ़ी ज़्यादा है। हालांकि, रोज़ाना पहनने से लेकर त्योहारों तक, दोनों मामलों में कॉटन फ़ैब्रिक की पॉपुलैरिटी अभी भी बनी हुई है।

ज्वेलरी की दुनिया की चर्चा करें तो लकड़ी की ज्वेलरी, रेज़िन की चूड़ियां, एंटी-टार्निश चेन, ऑक्सिडाइज़्ड ज्वेलरी और अंगूठियां खूब बिक रही हैं, साथ ही विंटेज ज्वेलरी की भी मांग है। इयररिंग्स के मामले में, कश्मीरी झुमका खूब पॉपुलर हो रहा है। इसके साथ ही, छोटे पेंडेंट, कोरियन स्टाइल के डिज़ाइन और वेस्टर्न स्टाइल के इयररिंग्स की भी डिमांड है। अष्टमी या दशमी जैसे खास दिनों में पारंपरिक ज्वेलरी का महत्व रहता है। सफेद, आइवरी, गोल्ड, बेज और पेस्टल शेड्स पॉपुलर हो रहे हैं। साथ ही, लाल, नारंगी, गुलाबी, नीला और पीला रंग त्योहार के कपड़ों में चमक बढ़ रही है।

 

आर्थिक धारा डेस्क
आर्थिक धारा डेस्क

आर्थिक धारा संपादकीय डेस्क — वित्तीय बाजार, अर्थव्यवस्था, कॉर्पोरेट जगत और राष्ट्रीय मामलों पर निष्पक्ष, सटीक एवं विश्वसनीय विश्लेषण।

WhatsApp
विज्ञापन

आर्थिक धारा पर अपने व्यवसाय का विज्ञापन दें

पश्चिम बंगाल और भारत के हज़ारों निवेशकों और व्यावसायिक लीडर्स तक पहुंचें।

বিজ্ঞাপন দেন / Advertise
12 टिप्पणियां