धनबाद : कोयला मंत्रालय, कोल इंडिया लिमिटेड, राज्य सरकार और भारतीय रेलवे के सहयोग से विकसित महेशपुर रैपिड लोडिंग सिस्टम (आरएलएस) ने रविवार को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की। बीसीसीएल के सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल और निदेशक (वित्त एवं मानव संसाधन) राजेश कुमार की मौजूदगी में आरएलएस से ट्रायल रेक में कोयला लोडिंग शुरू हुई। सुविधा से लोड की गई पहली रेक को एनटीपीसी नबीनगर के लिए रवाना किया गया।
50 लाख टन सालाना क्षमता महेशपुर आरएलएस की वार्षिक
क्षमता 50 लाख टन है। यह बीसीसीएल की पहली फर्स्ट माइल कनेक्टिविटी परियोजना है। इसके माध्यम से रेलवे रेक में कोयले की मशीनीकृत और तेज लोडिंग संभव होगी। इससे कोयला निकासी की गति बढ़ने के साथ समय और संसाधनों की बचत होगी। परियोजना को चालू करने से पहले वर्ष 2026 में कई महत्वपूर्ण कार्य पूरे किए गए। इसमें मैन डीसी लाइन से रेल
संपर्क, नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य, डीजल इंजन का परीक्षण तथा रेलवे प्राधिकरण की ओर से वाणिज्यिक अधिसूचना की स्वीकृति शामिल है। मौके पर सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा कि महेशपुर आरएलएस के संचालन से बीसीसीएल की फर्स्ट माइल कनेक्टिविटी पहल को और गति मिलेगी तथा कोयला निकासी अधिक प्रभावी और सुगम होगी। कार्यक्रम में जीएम गोविंदपुर सत्यकाम आनंद, जीएम बरोरा केके सिंह, जीएम यूजी एंड साइडिंग जीके मेहता, जीएम ईएंडएम आर आर करण, प्रोजेक्ट ऑफिसर महेशपुर साइलो धीरज कुमार समेत कई अधिकारी मौजूद थे।

