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40 साल बाद जब फेसबुक से मिलीं रानीगंज बासंती गर्ल्स स्कूल की सहेलियां

रानीगंज के बासंती गर्ल्स स्कूल की सहेलियां 40 साल बाद सोशल मीडिया के जरिए फिर से एक हुईं और अपने बचपन की यादों को ताजा किया। समाजसेविका रेवा गौरीसरिया की पहल पर आयोजित इस मिलन समारोह में सभी ने अपनी बुजुर्ग शिक्षिका से भी भेंट की। इस भावुक मुलाकात ने न केवल पुरानी यादों को जिंदा किया, बल्कि व्यस्त जीवन की भागदौड़ के बीच एक अनमोल सामाजिक और मानसिक सुकून भी प्रदान किया।

आर्थिक धारा डेस्क
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25 अक्टूबर 2026 को 11:18 pm बजे
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40 साल बाद जब फेसबुक से मिलीं रानीगंज बासंती गर्ल्स स्कूल की सहेलियां
पांच सहेलियां एक साथ|Arthik Dhara Photo

रानीगंज। वक्त ने चेहरों पर झुर्रियां दे दीं, बालों में सफेदी आ गई, लेकिन दिल आज भी वहीं अटका था। बासंती गर्ल्स स्कूल परिसर में। 40 साल बाद जब वे सहेलियां फिर मिलीं तो मानो पूरा बचपन लौट आया। पहल की समाजसेविका रेवा गौरीसरिया ने। स्कूल से पढ़ाई के बाद किस्मत उन्हें फिर रानीगंज ही ले आई, ससुराल के रूप में। घर-गृहस्थी, जिम्मेदारियां, जीवन की भागदौड़ में 40 साल कब बीत गए पता ही नहीं चला। लेकिन दिल के किसी कोने में वो यूनिफॉर्म वाली सहेलियां अब भी जिंदा थीं। एक दिन यूं ही फेसबुक स्क्रॉल करते हुए दिल में ख्याल आया - क्यों न अपनी उन सहेलियों को खोजा जाए? फिर क्या था, एक-एक नाम याद किया, फेसबुक पर सर्च शुरू हुआ। किसी की प्रोफाइल में उसके बचपन जैसी मुस्कान दिखी तो किसी की आंखें पहचान लीं। धीरे-धीरे एक, दो, तीन... टूटी हुई माला फिर से जुड़ने लगी। रेवा ने सबको एक मैसेज भेजा - "दो दिन के लिए मेरे घर आ जाओ, फिर से उसी बचपन में चलते हैं।" और फिर वो दिन आया। जब 40 साल बाद वो सभी रानीगंज के एक घर में मिलीं तो पल भर के लिए सन्नाटा छा गया, फिर आंखों से आंसू और जोर-जोर से हंसी। कोई गले लग रहा था तो कोई हाथ पकड़कर रो रहा था। "तू बिल्कुल नहीं बदली", "याद है मैडम कैसे डांटती थीं" - बातें खत्म ही नहीं हो रही थीं। सबसे भावुक पल तब आया जब सभी मिलकर अपनी बूढ़ी हो चुकी स्कूल टीचर से मिलने गईं। टीचर ने जब अपनी इन 50-55 साल की हो चुकी छात्राओं को देखा तो उनकी आंखें भी नम हो गईं। उन्होंने एक-एक का नाम लेकर पुकारा। रेवा कहती हैं कि इन दो दिनों में जो सुकून मिला, वो पिछले 40 सालों में नहीं मिला। लगा जैसे जिंदगी फिर से शुरू हो गई हो।

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आर्थिक धारा संपादकीय डेस्क — वित्तीय बाजार, अर्थव्यवस्था, कॉर्पोरेट जगत और राष्ट्रीय मामलों पर निष्पक्ष, सटीक एवं विश्वसनीय विश्लेषण।

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