आसनसोल। जर्जर मकान, ढहती दीवारें, झाड़ियों से ढकी वीरान
जमीन और चारों ओर पसरा सन्नाटा। बेनाग्राम किसी रहस्यमयी बस्ती जैसा नजर आता है। स्थानीय
लोगों के बीच इसकी पहचान अब ‘भूतों का गांव’ के रूप में हो गई है। लेकिन कभी इसी गांव
में लोगों की चहल-पहल, पड़ोसियों का मेल-मिलाप और जीवन की रौनक हुआ करती थी। करीब
20-22 साल पहले बुनियादी नागरिक सुविधाओं के अभाव में गांव के लोगों को अपना घर छोड़कर
दूसरी जगहों पर बसने के लिए मजबूर होना पड़ा। हालांकि, गांव की बस्ती भले ही उजड़ गई
हो, लेकिन साल में एक दिन यहां की तस्वीर पूरी तरह बदल जाती है। वह दिन है कोजागरी
पूर्णिमा। रविवार को बेनाग्राम के नवनिर्मित मंदिर में मां लक्ष्मी की पूजा का आयोजन
किया गया। सुबह से ही पुराने ग्रामीणों का गांव लौटना शुरू हो गया। गांव में रोशनी
की व्यवस्था की गई, लाउडस्पीकर पर गीत बजने लगे और प्रसाद तैयार करने के लिए रसोइये
जुट गए। देखते ही देखते वीरान गांव में फिर से रौनक लौट आई। गांव में सड़क, पेयजल और
बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव था। इन परेशानियों के कारण लोगों को अपना
घर-बार छोड़कर शहर के दूसरे इलाकों या आसपास के गांवों में जाकर बसना पड़ा। आज भी बेनाग्राम
में अतीत की यादें संजोए कई पुराने एक और दो मंजिला पक्के मकान, तालाब तथा पुश्तैनी
जमीनें मौजूद हैं। हालांकि, इनमें से अधिकांश स्थान वीरान पड़े हैं और जंगल-झाड़ियों
से घिर गए हैं। समय के साथ गांव की रौनक भले ही खो गई हो, लेकिन यहां के लोगों के दिलों
से अपनी मिट्टी के प्रति लगाव कम नहीं हुआ है। गांव में स्थित ऐतिहासिक टिन की छत वाले
लक्ष्मी मंदिर को अब नया स्वरूप दिया गया है। रंग-बिरंगी टाइल्स और आकर्षक सजावट से
मंदिर को खूबसूरत बनाया गया है। हर साल कोजागरी पूर्णिमा आते ही इस वीरान गांव में
फिर से उत्सव का माहौल बन जाता है।
ब्रेकिंग न्यूज़
सिर्फ लक्खी पूजा में गुलजार होता है आसनसोल का भूतहा गांव बेनाग्राम
आसनसोल का बेनाग्राम गांव बुनियादी सुविधाओं के अभाव में वीरान होकर 'भूतहा गांव' के रूप में जाना जाता है, जिसे लोग 20-22 साल पहले छोड़ चुके हैं। हालांकि, हर साल कोजागरी पूर्णिमा यानी लक्खी पूजा के दिन पुराने ग्रामीण वापस लौटते हैं और यहाँ विशेष उत्सव का माहौल बनता है। यह अनूठी घटना दिखाती है कि पलायन के बावजूद लोगों का अपनी मातृभूमि और सांस्कृतिक परंपराओं से गहरा लगाव कायम है।

प्रतीकात्मक फोटो |Arthik Dhara Photo
विज्ञापन
आर्थिक धारा पर अपने व्यवसाय का विज्ञापन दें
पश्चिम बंगाल और भारत के हज़ारों निवेशकों और व्यावसायिक लीडर्स तक पहुंचें।
