Arthik Dhara
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छाताबाद को हर हालत में खाली करायेगी बीसीसीएल

धनबाद के कतरास स्थित छाताबाद में बीसीसीएल अधिकारियों द्वारा भू-धंसान का हवाला देकर पूरे इलाके को खाली कराने की योजना पर विवाद गहरा गया है। स्थानीय लोगों और संगठनों का आरोप है कि कंपनी बालू भराई जैसी तकनीकी विधियों से बचने और ओपन कास्ट माइनिंग का रास्ता साफ करने के लिए मुआवजे की जिम्मेदारी से भी पल्ला झाड़ रही है। इस कानूनी जाल से बचने के लिए नागरिकों को अपनी पुश्तैनी संपत्तियों के कागजात तैयार रखने की सलाह दी गई है।

आर्थिक धारा डेस्क
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1 अक्टूबर 2026 को 01:51 pm बजे
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छाताबाद को हर हालत में खाली करायेगी बीसीसीएल
छाताबाद में बीसीसीएल की खाली कराने की योजना और ओपन कास्ट माइनिंग को लेकर गहराता विवाद|Arthik Dhara Photo

धनबाद : कतरास के छाताबाद में वीडियो में बीसीसीएल के अधिकारी ने साफ कहा कि उनके पास नीचे की सीम में बालू भराई करने का कोई "टेक्निकल उपाय नहीं है" और ऊपर से मलबा डालने पर लोड बढ़ेगा और नीचे जमीन और धंसेगी। सच यह है कि डीजीएमएस मानकों के अनुसार हाइड्रोलिक बालू भराई दुनिया भर में की जाती है। पर कतरास में नहीं क्योंकि लगता है जैसे कतरास के खदान पूरे वर्ल्ड में सबसे ख़तरनाक हों।

हकीकत में कंपनी उस पर करोड़ों रुपये खर्च करने से साफ बच रही है।

दौरे में जीएम ने बार-बार कहा कि "हमें ब्लास्टिंग और कटिंग के लिए 100 मीटर का दायरा खाली चाहिए"। यानी भू-धंसान का बहाना बनाकर असल में वे पूरे इलाके को खाली कराकर ओपन कास्ट माइनिंग का रास्ता साफ करना चाहते हैं। जीएम ने स्थानीय प्रतिनिधियों से कहा कि "आप लिखित में प्रस्ताव दीजिए कि 100 मीटर खाली करने को तैयार हैं, तब हम आगे बढ़ेंगे"। इस मुद्दे पर केवीएम का कहना है कि हकीकत में यह कानूनी जाल है। और बरगलाकर अपना उल्लू सीधा करने की चाल है। यदि जनता या पार्षद लिखकर दे देते हैं कि हम खाली करने को तैयार हैं तो बीसीसीएल इसे 'नागरिकों की स्वेच्छा' का बहाना बनाकर अदालत और सरकार के सामने पेश कर देगी जिससे आपका नागरिकों का कानूनी दावा स्वतः कमजोर हो जाएगा।

जब रैयतों के पैसे और मुआवजे की बात आई तो अधिकारियों ने साफ कहा कहा कि "रैयतों का तो हम जिम्मेवारी ही नहीं लेते, वो जेआरडीए और मास्टर प्लान का मामला है"। यानी घर खाली करवा लेंगे, लेकिन मुआवजे के नाम पर आपको जेआरडीए के चक्कर कटवाना शुरू कर देंगे।

बीसीसीएल टुकड़ों-टुकड़ों में पहले 83 घर, फिर 100 मीटर में बांटकर लोगों को निकालना चाहती है। इस जाल में फंसने के बजाय अपनी पुश्तैनी मिल्कियत के कागजात तैयार रखें।

 

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आर्थिक धारा संपादकीय डेस्क — वित्तीय बाजार, अर्थव्यवस्था, कॉर्पोरेट जगत और राष्ट्रीय मामलों पर निष्पक्ष, सटीक एवं विश्वसनीय विश्लेषण।

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