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पाषाणे प्राण थीम पर भामुरिया बथानेश्वर दुर्गा पूजा कमेटी का पूजा पंडाल

पुरुलिया के भामुरिया बथानेश्वर दुर्गा पूजा कमेटी द्वारा इस वर्ष 'पाषाणें प्राण' की अनूठी थीम पर आधारित भव्य और बड़े बजट के पूजा पंडाल का निर्माण किया जा रहा है, जिसका नेतृत्व राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित कलाकार गौरांग किला कर रहे हैं। पंचेत पहाड़ की गोद में आयोजित होने वाले इस प्रसिद्ध आयोजन में सांस्कृतिक कार्यक्रमों और मेलों के माध्यम से लाखों श्रद्धालुओं के जुटने की उम्मीद है, जिससे स्थानीय पर्यटन और अर्थव्यवस्था को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा।

आर्थिक धारा डेस्क
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1 अक्टूबर 2026 को 04:48 pm बजे
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पाषाणे प्राण थीम पर भामुरिया बथानेश्वर दुर्गा पूजा कमेटी का पूजा पंडाल
निर्माणाधीन दुर्गापूजा पंडाल |Arthik Dhara Photo

आसनसोल। पुरुलिया जिले के नितुरिया थाना इलाके में स्थित है भामुरिया गांव। यहां हर वर्ष दुर्गापूजा आयोजित करती है भामुरिया बथानेश्वर दुर्गा पूजा कमेटी। हर वर्ष अपने थीम और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के कारण पूरे बंगाल में चर्चा के केंद्र में रहती है। सीमावर्ती झारखंड से भी लाखों श्रद्धालू दर्शन के लिए आते हैं। पूरे वर्ष इस आयोजन का इंतजार रहता है। इसकी गिनती बड़े बजट की पूजा में होती है। पिछले साल 2025 में इसकी थीम दुबई का मशहूर स्वामीनारायण मंदिर था, जिसे बहुत अच्छा रिस्पॉन्स मिला था। इसी ट्रेंड को जारी रखते हुए इस वर्ष 2026 में मंडप के बांस और लोहे के स्ट्रक्चर पर शानदार और शाही थीम दिखाने की तैयारी चल रही है। पंचेत पहाड़ की मनोरम प्राकृतिक गोद में आयोजित पूजा का थीम है पाषाणें प्राण यानी पाषाण में प्राण। आमतौर पर पत्थर को निर्जीव माना जाता है तथा इसका उपयोग मानवों के लिए नकारात्मक भावनाओं के संदर्भ में किया जाता है। जैसे पत्थर दिल इंसान, पत्थर का कलेजा, छाती पर पत्थर रखना, अक्ल पर पत्थर पड़ना, ईंट का जबाव पत्थर से देना, पत्थर पर दूब जमना आदि-आदि। लेकिन इस पूजा के आयोजकों ने पत्थरों में जीवन की परिकल्पना की है। वहीं पत्थर, जो जुड़ा है हमारी आस्था से, हमारे देवी-देवताओं से, हमारे दैनिक जीवन के विभिन्न पहलुओं से।  

पवेलियन और पूरा डिज़ाइन बनाने का नेतृत्व मशहूर आर्टिस्ट तथा राष्ट्रपति से सम्मान पा चुके गौरांग किला कर रहे हैं। पत्थरों पर नक्काशी की खूबसूरत कला दिखेगी। मंडप के साथ-साथ रंग-बिरंगी रोशनी और मेले भी आकर्षण का केंद्र रहेंगे। हर दिन कल्चरल प्रोग्राम और लाइव म्यूज़िक प्रोग्राम होंगे। 15 अक्टूबर को खस आकर्षण ज्योतिमय कुंडू, 16 अक्टूबर को निझुम बरदल और कुआशा चक्रवर्ती, 17 अक्टूबर को राहुल सिन्हा और मधुमिता दास, 18 अक्टूबर को देवश्री तनुश्री डे, 19 अक्टूबर को अमित तालुकदार, 20 अक्टूबर को देव, पायल और तमाल दास तथा 21 अक्टूबर को अर्कदीप और सुरोमिता। कुल मिलाकर पूजा के माहौल में म्यूज़िक, कल्चर और एंटरटेनमेंट का शानदार कॉकलेट। 

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आर्थिक धारा संपादकीय डेस्क — वित्तीय बाजार, अर्थव्यवस्था, कॉर्पोरेट जगत और राष्ट्रीय मामलों पर निष्पक्ष, सटीक एवं विश्वसनीय विश्लेषण।

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