आसनसोल। एक 3 साल के बच्चे ने अपने परिजनों की लापरवाही की वजह से एल्पिन निगल लिया। यह उसकी सांस की नली में फंस गया और उसकी जान को खतरा बन गया। बच्चे को रविवार की रात बर्दवान मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। सोमवार की सुबह कान, नाक और गला (इएनटी) विभाग के स्पेशलिस्ट डॉक्टरों ने सर्जरी करके एल्पिन निकाल दिया।
पता चला है कि बच्चा झारखंड का रहने वाला है। नए कपड़े और पैंट मोड़ते समय इस्तेमाल किया गया एल्पिन बिस्तर पर गिर गया। बच्चे ने उसे निगल लिया। एल्पिन उसकी सांस की नली में फंस गया और खतरनाक हो गया। उसे पहले एक लोकल हॉस्पिटल ले जाया गया। लेकिन वहां कोई इलाज नहीं मिला। फिर उसे रविवार रात बर्दवान मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। टेस्ट के बाद डॉक्टरों ने सर्जरी करने का फैसला किया। डॉक्टरों ने कहा कि चूंकि एल्पिन का नुकीला सिरा ऊपर की ओर था, इसलिए इसे निकालना काफी रिस्की था। सोमवार सुबह, हॉस्पिटल के ईएनटी डिपार्टमेंट के डॉ असीम सरकार, डॉ रितम रॉय और डॉ शुभदीप सरदार ने सर्जरी करके सांस की नली से एफिड निकाला। डॉक्टर रितम रॉय ने कहा कि रिजिड ब्रोंकोस्कोपी का इस्तेमाल करके जनरल एनेस्थीसिया देकर एफिड को निकाला गया। हॉस्पिटल के सूत्रों के मुताबिक, सर्जरी के बाद बच्चा अभी ठीक है। बर्दवान मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल के सुपरिटेंडेंट शांतनु सेन ने कहा कि बच्चे की सांस की नली में खतरनाक हालत में फंसे एफिड को निकालना बहुत मुश्किल था। डॉक्टरों ने नामुमकिन काम करके बच्चे की जान बचाई। बच्चे के परिजन भी सर्जरी के सफल होने से खुश हैं। उन्होंने डॉक्टरों को धन्यवाद दिया।

