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धनबाद: शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा में ट्रांसजेंडर समुदाय की स्थिति का होगा आकलन

धनबाद में ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के तहत जिला समाज कल्याण कार्यालय ने शिक्षा अधिकारियों से दो दिनों के भीतर ट्रांसजेंडर छात्रों और सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकार संरक्षण) अधिनियम, 2019 के तहत इस वर्ग तक सरकारी कल्याणकारी योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करना है।

आर्थिक धारा डेस्क
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27 सितंबर 2026 को 06:43 pm बजे
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धनबाद: शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा में ट्रांसजेंडर समुदाय की स्थिति का होगा आकलन
प्रतीकात्मक तस्वीर|Arthik Dhara Photo
धनबाद: ट्रांसजेंडर छात्रों के लिए सरकारी सुविधाओं और अधिकारों की स्थिति के बारे में जानकारी जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस संबंध में जिला समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय ने जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) और जिला शिक्षा अधीक्षक (डीएसई) से शिक्षा से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी है। दोनों अधिकारियों को दो दिनों के भीतर निर्धारित जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।
जिला समाज कल्याण कार्यालय द्वारा जारी पत्र के अनुसार, सर्वोच्च न्यायालय में लंबित मामले के तहत गठित ट्रांसजेंडर सलाहकार समिति ने ट्रांसजेंडर छात्रों के कल्याण, पुनर्वास गृहों और सामाजिक सुरक्षा से संबंधित सुविधाओं की वास्तविक स्थिति के बारे में जानकारी मांगी है। इसके तहत, राज्यों द्वारा निर्धारित प्रश्नावली के आधार पर आंकड़े एकत्र किए जा रहे हैं।
केंद्र सरकार के अनुसार, ट्रांसजेंडर छात्रों के अधिकारों और कल्याण से संबंधित प्रावधानों में शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और गैर-भेदभाव शामिल हैं। ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकार संरक्षण) अधिनियम, 2019 सरकारी या मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थानों में बिना किसी भेदभाव के शैक्षिक अवसर प्रदान करने का प्रावधान करता है।
जिला स्तर पर मांगी गई जानकारी में सरकारी शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले ट्रांसजेंडर छात्रों की संख्या और विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों की संख्या शामिल है। इसके अलावा, ट्रांसमेन, ट्रांसवुमेन, नॉन-बाइनरी, जेंडर-क्वीर, पारंपरिक सामाजिक-सांस्कृतिक पहचान और इंटरसेक्स व्यक्तियों से संबंधित आंकड़े भी मांगे गए हैं।
रिपोर्ट में शिक्षा क्षेत्र में उपलब्ध विभिन्न सुविधाओं और योजनाओं का श्रेणीवार विवरण भी दिया जाएगा। इससे जिले में संबंधित वर्ग तक सरकारी योजनाओं की पहुंच और उपलब्ध सुविधाओं की स्थिति का आकलन करना संभव होगा।
शिक्षा के अलावा अन्य सुविधाओं के बारे में जानकारी
महिला एवं बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग के पत्र के अनुसार, प्रश्नावली केवल शिक्षा तक सीमित नहीं है। इसमें सामाजिक सुरक्षा, आवास, आश्रय स्थल, परामर्श एवं स्वास्थ्य सुविधाओं से संबंधित जानकारी भी शामिल है। केंद्र सरकार की ट्रांसजेंडर कल्याण योजना के अंतर्गत शिक्षा, कौशल विकास, स्वास्थ्य, परामर्श एवं सुरक्षित आश्रय जैसी सुविधाओं पर विशेष बल दिया गया है।
धनबाद जिला सामाजिक कल्याण कार्यालय (डीईओ) और जिला सामाजिक कल्याण कार्यालय (डीएसई) से प्राप्त जानकारी संकलित की जाएगी। इसके बाद, निर्धारित प्रक्रिया के तहत डेटा को राज्य स्तर पर भेजा जाएगा, जहां इसे समेकित करके केंद्रीय स्तर पर उपलब्ध कराया जाएगा। जिला सामाजिक कल्याण कार्यालय द्वारा मांगी गई जानकारी का उद्देश्य ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए उपलब्ध सरकारी सुविधाओं और योजनाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन करना है।
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आर्थिक धारा संपादकीय डेस्क — वित्तीय बाजार, अर्थव्यवस्था, कॉर्पोरेट जगत और राष्ट्रीय मामलों पर निष्पक्ष, सटीक एवं विश्वसनीय विश्लेषण।

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