Arthik Dhara
ब्रेकिंग न्यूज़

दुर्गोत्सव. कांकसा गढ़जंगल के मेघा मुनि आश्रम के जंगल क्षेत्र की सफाई

दुर्गापुर के ऐतिहासिक गढ़जंगल स्थित मेधस मुनि आश्रम और आरक्षित वन क्षेत्र में दुर्गोत्सव के दौरान पर्यटकों की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने विशेष सफाई अभियान चलाकर इसे प्लास्टिक मुक्त रखने का संदेश दिया है। स्थानीय भाजपा विधायक ने इस पौराणिक स्थल को वाराणसी कॉरिडोर की तर्ज पर विकसित करने की मांग की है, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिले। वन्यजीवों की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के लिए पूजा उत्सव के दौरान वन क्षेत्र में अतिरिक्त निगरानी रखी जाएगी।

आर्थिक धारा डेस्क
आर्थिक धारा डेस्क
8 अक्टूबर 2026 को 03:31 pm बजे
WhatsApp
दुर्गोत्सव. कांकसा गढ़जंगल के मेघा मुनि आश्रम के जंगल क्षेत्र की सफाई
फाइल फोटो |Arthik Dhara Photo

आसनसोल। दुर्गापुर महकमा के कांकसा के गढ़जंगल में पौराणिक मेधस मुनि उर्फ मेघा मुनि का आश्रम है। अजय नदी के किनारे स्थित होने के कारण पुराणों में भी इसका उल्लेख है। राजा सुरथ और समाधि वैश्य ने दुर्गापूजा शुरू की थी। स्थानीय भाजपा विधायक चन्द्रशेखर बनर्जी ने राज्य सरकार को प्रस्ताव दिया है कि इसका विकास वाराणसी कॉरीडोर की तर्ज पर किया जाये। कमोवेश पूरे साल टूरिस्ट आते रहते हैं। दुर्गोत्सव के दौरान भीड़ लाखों में पहुंचती है। पुलिस की पहल पर इसके रिजर्व फॉरेस्ट एरिया की सफाई की गई। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए देउल में 1992 में हिरण और मोर के लिए कंजर्वेशन सेंटर बनाया गया था। इस इलाके में 100 से ज्यादा हिरण हैं। जंगल में सिर्फ मोर ही नहीं, बल्कि बगुला, खरगोश, जंगली बिल्ली और बंदर समेत कई दूसरे जानवर भी हैं। पूजा के दौरान लोगों की भीड़ बढ़ जाती है। इसलिए, कड़ी निगरानी की ज़रूरत है। इलाके के निवासी सुबोध लाहा ने कहा कि नई सड़क के कारण पर्यटकों की भीड़ बहुत बढ़ गई है। छुट्टियों में इस आरक्षित वन को देखने के लिए बहुत भीड़ होती है। देवी श्यामरूपा का मंदिर भी है। पास ही इचाई घोष मंदिर है। गोप वंश के राजा इचाई घोष ने इसका निर्माण कराया था। मंदिर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के नियंत्रण में है। पुलिस ऑफिसर चंदन मिश्रा ने कहा कि जंगल में बहुत सारा प्लास्टिक जमा हो गया था। बीट ऑफिसर और लोकल क्लब के लड़कों ने मिलकर उसे साफ किया। जंगल में प्लास्टिक फेंकना जुर्म है। इसके लिए अवेयर रहने की जरूरत है। बीट ऑफिसर पिनाकी भट्टाचार्य ने कहा कि प्लास्टिक बैन का मैसेज दिया गया है। वाइल्डलाइफ को अपनी जगह पर रहने दें। टूरिस्ट जंगल में आएं और नेचर का एक्सपीरियंस करें। पूजा के दौरान एक्स्ट्रा सर्विलांस रहेगा।

आर्थिक धारा डेस्क
आर्थिक धारा डेस्क

आर्थिक धारा संपादकीय डेस्क — वित्तीय बाजार, अर्थव्यवस्था, कॉर्पोरेट जगत और राष्ट्रीय मामलों पर निष्पक्ष, सटीक एवं विश्वसनीय विश्लेषण।

WhatsApp
विज्ञापन

आर्थिक धारा पर अपने व्यवसाय का विज्ञापन दें

पश्चिम बंगाल और भारत के हज़ारों निवेशकों और व्यावसायिक लीडर्स तक पहुंचें।

বিজ্ঞাপন দেন / Advertise
12 टिप्पणियां