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केदारताल ट्रेकिंग के दौरान एवलांच में बांकुड़ा के 5 युवक समेत 8 लापता, दो शव बरामद

उत्तराखंड के उत्तरकाशी में केदारताल ट्रेकिंग के दौरान आए भीषण एवलांच की चपेट में आने से बांकुड़ा के पांच युवकों सहित आठ ट्रेकर्स लापता हो गए, जिनमें से अब तक दो शव बरामद किए जा चुके हैं। बांकुड़ा जिला प्रशासन उत्तरकाशी प्रशासन के लगातार संपर्क में है और लापता लोगों की तलाश के लिए संयुक्त बचाव अभियान तेजी से चलाया जा रहा है। इस दुर्घटना से लापता युवकों के परिवारों में भारी शोक का माहौल है और परिजन तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना हो गए हैं।

आर्थिक धारा डेस्क
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4 नवंबर 2026 को 12:02 pm बजे
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केदारताल ट्रेकिंग के दौरान एवलांच में बांकुड़ा के 5 युवक समेत 8 लापता, दो शव बरामद
लापता युवकों का ग्रुप फोटो तथा परिजन |Arthik Dhara Photo

बांकुड़ा। केदारताल ट्रेकिंग के दौरान एवलांच की चपेट में आने से लापता हुए आठ ट्रेकर्स में से एक महिला और एक पुरुष के शव बर्फ के नीचे से  बरामद किए गए। बांकुड़ा जिला प्रशासन को यह सूचना मिली है। शवों की शिनाख्त नहीं हो सकी है। बीते 29 अक्टूबर को, उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में केदारताल झील से नीचे उतरते समय केदार खड़क के पास 12 ट्रेकर्स का एक ग्रुप बड़े एवलांच की चपेट में आ गया था। हालांकि उनमें से चार बच कर लौटने में कामयाब रहे, लेकिन बांकुड़ा के पांच युवक, उत्तर प्रदेश की दो महिला ट्रेकर्स और एक लोकल गाइड समेत आठ लापता हो गए। उत्तराखंड डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स, नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग और दूसरी रेस्क्यू एजेंसियों ने जॉइंट सर्च ऑपरेशन शुरू किया। दो बॉडी की बरामदगी बर्फ के नीचे से हुई है। उनकी पहचान अभी नहीं हो पाई है। सर्च ऑपरेशन जारी है। लापता होनेवालों में बांकुड़ा निवासी रिंटू मंडल, तापस बाउरी, रतन घोष, उदय घोष और मनोज खवास शामिल हैं। रिंटू, तापस, रतन और उदय बांकुड़ा -2 ब्लॉक के अंचुरी शालबनी गांव के निवासी हैं जबकि मनोज केशरा गांव का निवासी है।रिंटू और तापस स्पंज आयरन फैक्ट्री में काम करते हैं। रतन अपने पिता की चाय की दुकान में उनकी मदद करता है। उदय बरजोड़ा में एक फैक्ट्री में काम करता है। मनोज प्रमोशन में काम करता है। भले ही वे पहले भी कई बार ट्रेकिंग पर जा चुके थे, लेकिन पांच लोगों के परिवार में किसी ने सोचा भी नहीं था कि उन पर ऐसा खतरा आ जाएगा। वे 24 अक्टूबर को बांकुड़ा से निकले थे। रिंटू के बड़े भाई सिंटू मंडल के अनुसार आखिरी बार 26 अक्तूबर को अपने भाई से फोन पर बात की थी। उसने कहा था कि इसके बाद वह पांच-छह दिन तक अपने मोबाइल फोन पर उपलब्ध नहीं होगा। उन्होंने सुना है कि दोनों के शव बरामद हो गए हैं। वे चाहते हैं कि उनका भाई और उसके सभी दोस्त सुरक्षित लौट आएं। बांकुड़ा के जिलाशासक अनीश दासगुप्ता ने कहा कि उत्तरकाशी एडमिनिस्ट्रेशन के रेगुलर संपर्क में रहकर तलाश की जा रही है। बांकुड़ा से परिजनों का सात सदस्यीय ग्रुप उत्तरकाशी के लिए निकल चुका है।

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आर्थिक धारा संपादकीय डेस्क — वित्तीय बाजार, अर्थव्यवस्था, कॉर्पोरेट जगत और राष्ट्रीय मामलों पर निष्पक्ष, सटीक एवं विश्वसनीय विश्लेषण।

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