Arthik Dhara
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कोयला तस्करी में पांच हाईवा जब्त, FIR दर्ज कर जांच शुरू

धनबाद के कतरास में अवैध कोयला परिवहन के मामले में पुलिस ने पांच हाईवा जब्त कर ट्रांसपोर्ट कंपनी और बीसीसीएल अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। साइडिंग का अधिकृत कांटा खराब होने के बावजूद चालान में सटीक वजन दर्ज मिलने से अधिकारियों की मिलीभगत और सुनियोजित तस्करी की आशंका गहरी हो गई है। इस बड़ी कार्रवाई से कोयला कारोबार से जुड़े हलकों में हड़कंप मच गया है और पुलिस पूरे रैकेट की गहराई से जांच कर रही है।

आर्थिक धारा डेस्क
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3 अक्टूबर 2026 को 01:20 pm बजे
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कोयला तस्करी में पांच हाईवा जब्त, FIR  दर्ज कर जांच शुरू
जब्त कोयला लदे हाइवा|Arthik Dhara Photo

धनबाद : कतरास थानांतर्गत ईस्ट कतरास में कोयला परिवहन की व्यवस्था में ऐसी गड़बड़ी सामने आई है जिसने बीसीसीएल अधिकारियों और ट्रांसपोर्ट कंपनी की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस साइडिंग का अधिकृत कांटा खराब पड़ा था वहां से कोयला लदे पांच हाईवा निकल गए और उनके चालान में कोयले का बकायदा सटीक वजन भी दर्ज था। सवाल यह है कि जब कांटा चला ही नहीं तो वजन हुआ कैसे और अगर वजन हुआ ही नहीं तो चालान में सटीक आंकड़े किसके कहने पर और किस आधार पर दर्ज किए गए।

कतरास पुलिस की कार्रवाई के बाद अब जांच का दायरा केवल ट्रांसपोर्ट कंपनी तक सीमित नहीं है बल्कि बीसीसीएल एरिया-III के संबंधित जिम्मेदार अधिकारी भी कानूनी जांच के घेरे में हैं। प्राथमिकी में ट्रांसपोर्ट कंपनी के मालिक और स्थानीय प्रबंधक के साथ बीसीसीएल के संबंधित पदाधिकारियों को भी आरोपित बनाया गया है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कोयले के वजन, चालान और परिवहन की पूरी प्रक्रिया में किस स्तर पर लापरवाही हुई और कहीं यह सुनियोजित तरीके से तो नहीं किया जा रहा था।

गुरुवार को रात पुलिस को सूचना मिली थी कि ईस्ट कतरास स्थित STG DEKO की साइडिंग से विष्णु ट्रांसपोर्ट कंपनी द्वारा निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना कोयला बाहर भेजा जा रहा है। सूचना में बीसीसीएल के स्थानीय जिम्मेदार अधिकारियों की कथित मिलीभगत से बिना अधिकृत कांटे पर वजन कराए कोयला परिवहन किए जाने और कोयले के ग्रेड में हेराफेरी की आशंका भी जताई गई थी।

पुलिस ने कार्रवाई करते हुए भटमुड़ना मोड़ पर पांच हाईवा को रोका। सभी में कोयला लदा था और किसी भी वाहन पर त्रिपाल नहीं था। जाँच के दौरान हाईवा चालकों ने ट्रांसपोर्ट चालान फॉर्म-डी पेश किया।

चालकों से पूछताछ में बताया गया कि कांटा खराब होने के कारण पेलोडर से संभावित वजन का अनुमान लगाकर हाईवा में कोयला लोड किया गया था।

दस्तावेज देखने के बाद पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल खड़ा हुआ कांटा खराब होने के बावजूद चालान में वजन आखिर कैसे दर्ज किया गया। पूछताछ के क्रम में प्रथमदृष्ट्या मामला संदिग्ध प्रतीत हुआ लिहाजा पुलिस ने सभी पाँच हाइवा को जब्त कर लिया और अब पुलिस यह जांच कर रही है कि यदि साइडिंग का कांटा खराब था तो बीसीसीएल की ओर से कोयले की निकासी की अनुमति किस आधार पर दी गई और बिना अधिकृत वजन के कोयला लदे वाहन साइडिंग से बाहर कैसे निकले?

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आर्थिक धारा संपादकीय डेस्क — वित्तीय बाजार, अर्थव्यवस्था, कॉर्पोरेट जगत और राष्ट्रीय मामलों पर निष्पक्ष, सटीक एवं विश्वसनीय विश्लेषण।

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