आसनसोल। हिंदुस्तान
केबल्स रूपनारायणपुर के 1750 पुराने कर्मचारियों और अधिकारियों को उम्मीद है कि उन्हें
अपना प्रोविडेंट फंड का बकाया शीघ्र मिल जाएगा।
यह उम्मीद कलकत्ता हाई कोर्ट के हाल ही में आए अहम फैसले के बाद जगी है। हाई कोर्ट
के वकील हरिशंकर चट्टोपाध्याय की तरफ से इस, संबंध में याचिका दायर की गई थी।
सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने फैसला सुनाया कि अगले दो महीने में बकाया रकम का
भुगतान कर दिया जाये। 17 अक्टूबर, 2011 को कर्मचारियों के PF का एक हिस्सा सीधे दुर्गापुर
में PF अधिकारियों के पास जमा किया गया था। उससे पहले यह पैसा कंपनी के बोर्ड ऑफ ट्रस्ट
के पास था। वर्ष 2017 में जब फैक्ट्री हमेशा के लिए बंद हो गई, तो पुराने कर्मचारियों
और अधिकारियों ने बकाया रकम की मांग की, लेकिन उन्हें कोई जवाब नहीं मिला। फैक्ट्री
कर्मचारी दिलीप चौधरी समेत 172 कर्मचारियों ने बकाया रकम वापस करने की मांग को लेकर
कलकत्ता हाई कोर्ट में रिट पिटीशन दायर की थी। हालांकि, PF अधिकारियों की दलीलों को
मानते हुए कोर्ट ने अर्जी खारिज कर दी। उनका तर्क था कि अगर सारा पैसा सरकारी कंसोलिडेटेड
फंड में चला जाता है, तो किसी भी कर्मचारी को अलग से पेमेंट करना मुमकिन नहीं है। कारखाने
से जुड़े रहे वकील हरिशंकर चट्टोपाध्याय ने अपने जमा किए गए फंड के बारे में खास जानकारी
इकट्ठा करते हुए, सूचना के अधिकार कानून के तहत दुर्गापुर PF कमिश्नर के खिलाफ हाई
कोर्ट में एक नया केस फाइल किया। जज ने दो महीने के अंदर पैसा भुगतान करने का आदेश
दिया। हरिशंकर चट्टोपाध्याय ने दुर्गापुर प्रोविडेंट कमिश्नर को इस संबंध में लेटर
भेजा है।
ब्रेकिंग न्यूज़
एचसीएल, रुपनारायणपुर के पूर्व कर्मियों को बकाये पीएफ राशि के भुगतान की उम्मीद
कोलकाता हाईकोर्ट के एक हालिया फैसले से एचसीएल रूपनारायणपुर के 1,750 पूर्व कर्मचारियों और अधिकारियों को अपना बकाया भविष्य निधि (पीएफ) मिलने की उम्मीद जग गई है। अदालत ने आदेश दिया है कि फैक्ट्री के बंद होने के बाद अटकी इस रकम का भुगतान अगले दो महीनों के भीतर किया जाए। इस कदम से लंबे समय से संघर्ष कर रहे कर्मचारियों को बड़ी आर्थिक राहत मिलने की संभावना है।

कारखाने का फाइल फोटो |Arthik Dhara Photo
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