आसनसोल। पश्चिम बंगाल सरकार के हेल्थ डिपार्टमेंट ने DMS और DHMS डिप्लोमा
वाले होम्योपैथिक डॉक्टरों का डेथ और बर्थ सर्टिफिकेट जारी करने का अधिकार फिर से
बहाल कर दिया है। इस बारे में विभागीय स्तर से नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है।
सनद रहे कि हेल्थ बिल्डिंग के सामने डिप्लोमा धारक होम्योपैथिक डॉक्टरों ने विरोध किया
था। इस मुद्दे को उठाते हुए, परेशान डॉक्टर लगातार आंदोलन कर रहे थे। हेल्थ डायरेक्टर,
जॉइंट सेक्रेटरी और होम्योपैथी डायरेक्टर को भी डेप्युटेशन दिए गए थे। ऑल बंगाल होम्योपैथी
फोरम और मेडिकल सर्विस सेंटर के रिप्रेजेंटेटिव मौजूद थे। होम्योपैथिक डॉक्टरों के
सबसे बड़े संगठन 'होमाई' के ऑल इंडिया प्रेसिडेंट डॉ. श्यामल मुखर्जी ने कहा कि वर्ष
1964 से DMS डिप्लोमा होल्डर्स को बर्थ और डेथ सर्टिफिकेट जारी करने का हक है।
DHMS के आने के बाद इसे वापस ले लिया गया था, लेकिन लंबे आंदोलन के बाद 1999 में इस
अधिकार को फिर से बहाल कर दिया था।
लेकिन इस साल 9 जुलाई को गजट नोटिफिकेशन के ज़रिए DMS और DHMS डॉक्टरों
के अधिकार फिर से छीन लिए गए। लेकिन राज्य सरकार ने यू टर्न लेते हुए अधिकार वापस कर
दिया। मेडिकल संगठनों ने दावा किया है कि इस दिन का नोटिफिकेशन आंदोलन की बड़ी जीत
है। उनकी अगली मांग कंबाइंड गजट नोटिफिकेशन
और होम्योपैथी कॉलेजों के इंफ्रास्ट्रक्चर का डेवलपमेंट है। इस बारे में नवंबर में
संयुक्त कन्वेंशन करने का फैसला लिया गया है।

