धनबाद : कतरास के फुलारीटांड में दहशत का पर्याय बने आक्रामक सांड को मंगलवार को ग्रामीणों ने तीन घंटे की मशक्कत के बाद पकड़ लिया। सोमवार को रंजन यादव और राहुल भुइयां पर हमले के बाद ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर जंगल में उतरे और घेराबंदी कर सांड को फुलारीटांड खटाल की ओर खदेड़ा। रस्सियों से उसे काबू में किया गया।ग्रामीणों के अनुसार सांड के हमले में चार सितंबर को 80 वर्षीय चांदो भुइयां और इससे पहले सेवानिवृत्त कर्मी सियाराम सोनार की मौत हो चुकी थी। कई अन्य लोग भी घायल हुए थे। सांड पकड़े जाने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली। कतरास गोशाला ने उसे रखने से इनकार किया, जिसके बाद ग्रामीण उसे वाहन से गिरिडीह क्षेत्र की ओर ले जाकर छोड़ आये।ग्रामीणों में जय प्रकाश यादव, रंजीत यादव, मनु यादव, राजेश यादव, चंदन यादव, भोलू यादव, शिव चौहान, दयानंद यादव, संजीत यादव, अशोक यादव, मंतोष यादव, प्रवीण गुप्ता, राजेंद्र मिस्त्री समेत अन्य ग्रामीणों ने सक्रिय भूमिका निभायी.
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कतरास के फुलारीटांड में काबू में आया हत्यारा सांड
धनबाद के कतरास स्थित फुलारीटांड में कई लोगों की जान लेने वाले और आतंक का पर्याय बने आक्रामक सांड को आखिरकार ग्रामीणों ने तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद पकड़ लिया। इस खूंखार सांड के हमलों में पूर्व में दो बुजुर्गों की मौत हो चुकी थी, जिससे पूरे इलाके में भारी दहशत का माहौल था। सांड के पकड़े जाने और उसे सुरक्षित रूप से दूर छोड़ने के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने आखिरकार राहत की सांस ली है।

सांड के साथ स्थानीय निवासी|Arthik Dhara Photo
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