आसनसोल। नई दिल्ली
में रविवार को इंडिया गठबंधन की सफल बड़ी रैली के बाद राज्य में लेफ्ट पार्टियों ने
रासमनी वेन्यू में 3 घंटे का धरना और मीटिंग बुलाई है। क्या दिल्ली की तरह कोलकाता
में भी इस मुद्दे पर लेफ्ट और ममता तृणमूल एक साथ दिखेंगे? सवाल उठ रहे हैं। हालांकि
लेफ्ट लीडरशिप उस मुद्दे को अहमियत नहीं दे रहा है। लेफ्ट पार्टियों ने राज्य में किताबों
को लेकर पहले ही आंदोलन तेज कर दिया है। इस बीच, वे SIR के साथ सड़कों पर उतरना चाहती
हैं। कोलकाता और हावड़ा नगर निगम के चुनाव आने वाले हैं। माना जा रहा है कि इस तरह
की पहल उससे पहले खुद को रेलिवेंट बनाने के लिए है। लेफ्ट फ्रंट के नेता 5 नवंबर को
SIR को रद्द करने की मांग करते हुए अपनी आवाज उठाएंगे। पहले ही, जिले दर जिले लोगों
को रानी रासमनी मीटिंग में आने के लिए इन्फॉर्म किया जा चुका है। पिछले शनिवार को,
बुक स्टॉल तोड़े जाने के विरोध में एक हजार लोग सड़कों पर उतरे। रविवार को, CPM ने
शहर के अलग-अलग हिस्सों में मोबाइल बुक शॉप लगाईं। SIR मुद्दे पर, CPI (ML) और
SUCI समेत लेफ्ट फ्रंट ने मिलकर विरोध करने की अपील की है। 5 नवंबर को दोपहर 2:30 बजे
से तीन घंटे का सेंट्रल धरना और मीटिंग बुलाई गई है। CPM के स्टेट सेक्रेटरी मोहम्मद
सलीम ने कहा कि सभी लेफ्ट पार्टियों के साथ मिलकर यह प्रोग्राम बुलाया है। डेमोक्रेसी
पसंद करने वाले लोगों और ऑर्गनाइज़ेशन को वहां बुलाया जाएगा। लेफ्ट पार्टियों ने मिलकर
यह प्रोग्राम किया है। इसके अलावा, कई लोगों को शक है कि यह मीटिंग कितनी सफल होगी।
क्योंकि लेफ्ट ऑर्गनाइज़ेशन अब कमज़ोर हो रहा है। MLA एक हैं। MP भी एक हैं। उस ताकत
के साथ इस मीटिंग को सफल बनाना मुश्किल है। इसी मुद्दे पर दिल्ली के रामलीला मैदान
में ममता बनर्जी, CPM जनरल सेक्रेटरी MA बेबी और CPI (ML) लिबरेशन के जनरल सेक्रेटरी
दीपांकर भट्टाचार्य एक साथ मंच पर दिखे। CPM सेंट्रल कमेटी के मेंबर सुजन चक्रवर्ती
ने कहा कि देश में सभी को BJP के खिलाफ लड़ना होगा।

