मैथन (धनबाद)। नवरात्रि के मौके पर एमपीएल के केन्द्रीय नियंत्रण कक्ष (सीसीआर) में युवा अभियंताओं ने अपनी रचनात्मकता, कलात्मक प्रतिभा और सांस्कृतिक चेतना से आस्था का अनुपम संसार साकार किया है। मां दुर्गा के नौ दिव्य स्वरूपों, उनसे जुड़े नौ रंगों और उनकी आध्यात्मिक महिमा को हस्तनिर्मित कलाकृतियों के माध्यम से जिस खूबसूरती से प्रस्तुत किया है, वह कला, संस्कृति और भक्ति का मनोहारी संगम है। सुसज्जित नियंत्रण कक्ष का मनोहारी रुप न केवल नवरात्रि के उल्लास को जीवंत कर रहा है, बल्कि सुरक्षा, नैतिकता, उत्तरदायित्व एवं सामूहिक उत्कृष्टता जैसे टाटा पावर के मूल्यों को न सिर्फ संजीव अभिव्यक्ति दे रहा है बल्कि यह पहल उत्सव को कार्यसंस्कृति से जोड़ते हुए साकारात्मक ऊर्जा,नयी प्रेरणा और टीम भावना का सुंदर संदेश दे रहा है।
एमपीएल के सीईओ बासुदेव हांसदा ने युवा टीम की कल्पनाशीलता एवं समर्पण की प्रशंसा करते हुए उनकी प्रतिभा को निरंतर प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर बल दिया।कहा कि रचनात्मक युवा ही जीवंत कार्य-संस्कृति और समृद्ध परंपराओं के संवाहक हैं। तकनीकी दक्षता के साथ रचनात्मकता, सांस्कृतिक चेतना और भारतीय परंपराओं के प्रति सम्मान किसी भी संस्थान की कार्य-संस्कृति को समृद्ध बनाते हैं। ऐसी पहलें कार्यस्थल पर सकारात्मक ऊर्जा, आपसी जुड़ाव और सामूहिक सहभागिता को प्रोत्साहित करती हैं।
उल्लेखनीय है कि कागज और रंगों के रचनात्मक समन्वय से तैयार कलाकृतियों, नौ देवियों के सजीव चित्रण, प्रकाशमान रोशनियों और बहुरंगी सजावटी झंडियों ने सीसीआर कंट्रोल रूम को उत्सवी आभा से आलोकित कर दिया है। यह सजावट केवल सौंदर्यबोध की अभिव्यक्ति नहीं, बल्कि भारतीय सांस्कृतिक विरासत के प्रति युवा अभियंताओं की आत्मीय निष्ठा, कल्पनाशीलता और सृजनशील सोच का भी परिचायक है। युवा अभियंताओं की यह पहल दर्शाती है कि जब तकनीकी दक्षता के साथ कला, आधुनिकता के साथ परंपरा और दायित्व के साथ सृजनशीलता का समन्वय होता है, तब कार्यस्थल भी संस्कृति, प्रेरणा और सकारात्मक ऊर्जा का जीवंत केंद्र बन जाता है।

