आसनसोल। कोजागरी लक्ष्मी
पूजा के दिन तारापीठ मंदिर में मां तारा की वापसी रविवार को होगी। राजराजेश्वरी रुप
में उनकी पूजा की जाएगी। 40 दिनों के बाद इंतजार खत्म हो रहा है। मुख्य गर्भगृह का
पुनरुद्धार किया गया है। 14 सितंबर को मां तारा को मुख्य गर्भगृह से हटाकर मंदिर के
सामने शिव मंदिर में ले जाया गया था। महालया से पहले देवी को उनके गर्भगृह में वापस
लाने की योजना थी। लेकिन रेनोवेशन कार्य पूरा न हो सका। नये रुप में भक्तों को बाहरी
नटमंदिर से देवी के दर्शन करने में आसानी होगी। मंदिर के रेनोवेशन और सजावट पर करीब
1.5 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। रविवार को मां तारा शिव मंदिर से रेस्ट हाउस आयेंगी।
दिन भर पूजा होगी। खास रस्मों के ज़रिए उन्हें मुख्य गर्भगृह में वापस ले जाया जाएगा।
तारापीठ मंदिर कमेटी के अनुसार रिवेशन का काम पूरा होने में कुछ एक्स्ट्रा समय लगा।
फिलहाल, काम लगभग पूरा हो गया है। रेलिंग लगाई जा रही है। शनिवार की रात तक सारा काम
पूरा हो गया। कोजागरी लक्ष्मी पूजा के मौके पर 'राजराजेश्वरी' के रूप में मां तारा
की खास पूजा का आयोजन किया गया है।
ब्रेकिंग न्यूज़
कोजागरी लक्खी पूजा को अपने गर्भगृह में लौटेंगी तारापीठ की मां तारा
लगभग डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से हुए मुख्य गर्भगृह के पुनरुद्धार कार्य के बाद, मां तारा कोकोजागरी लक्ष्मी पूजा के अवसर पर रविवार को अपने मूल गर्भगृह में लौट आएंगी। इस अवसर पर उन्हें 'राजराजेश्वरी' रूप में पूजा जाएगा, जिससे नए रूप में भक्तों को बाहरी नटमंदिर से देवी के दर्शन करने में विशेष सुविधा मिलेगी। मंदिर कमेटी के अनुसार, जीर्णोद्धार का कार्य पूरा होने से तारापीठ आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं और एक नया आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त होगा।

मंदिर का फाइल फोटो |Arthik Dhara Photo
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