आसनसोल। प्रतिभा किसी
की मोहताज नहीं होती, बस उसे एक प्लेटफॉर्म की जरूरत पड़ती है। आसनसोल कोयलांचल के अंडाल
थाना अंतर्गत नवग्राम निवासी तीर्थ बनर्जी ने इसे नये सिरे से स्थापित किया है। कैरियर
के लिए उन्होंने कोलकाता में एनिमेशन की ट्रेनिंग ली। पिछले तीन वर्ष से बेंगलुरू में
एनिमेशन कंपनी में कार्यरत है। वहीं उनकी मुलाकात रंजीत रॉय से हुई। उनसे अनुप्रेरणा
लेकर उन्होंने पेटिंग शुरू की। वॉटरकलर से पेंटिंग करना उन्हें पसंद है। कल्पना को
पेंट और पानी से कैनवस पर जीवंत कर देते हैं। नई चुनौती है कनार्टक चित्र कला परिषद
में उनकी प्रस्तावित चित्र प्रदर्शनी। यहां सुरंजन बसु, रेबा होर, द्विजेन गुप्ता जैसे
चर्चित पेंटरों ने प्रदर्शनी लगाई है। तीर्थ की प्रदर्शनी 29 अक्टूबर से 5 नवंबर तक
है। उनकी 50 पेंटिंग्स इसमें शामिल होंगी। उनके पास बिल्कुल भी समय नहीं है। वे खाने-पीने
की चीज़ों को भूलकर, बहुत तेज़ी से एग्ज़िबिशन की तैयारी कर रहे हैं। वैसे तो वे मौजूदा
दौर के सब्जेक्ट्स पर पेंटिंग करते हैं, लेकिन तीर्थ को वाइल्डलाइफ़ की तस्वीरें बनाना
बहुत पसंद है। उनके शब्दों में वे गांव का लड़के हैं। बचपन से ही गांव के माहौल में
पला-बढ़े हैं। कंक्रीट के जंगल के बजाय गांव की ज़िंदगी ज़्यादा पसंद है। यह मौका तीर्थ
के लिए एक बड़ी चुनौती है।
ब्रेकिंग न्यूज़
कोयलांचल के बेटे तीर्थ बनर्जी की पेंटिंग प्रदर्शनी कनार्टक चित्र कला परिषद में
आसनसोल के कोयलांचल क्षेत्र के रहने वाले तीर्थ बनर्जी की बेहतरीन वॉटरकलर पेंटिंग्स की प्रदर्शनी बेंगलुरु के प्रतिष्ठित कर्नाटक चित्र कला परिषद में 29 अक्टूबर से 5 नवंबर तक आयोजित होने जा रही है। इस प्रदर्शनी में उनकी 50 चुनिंदा पेंटिंग्स प्रदर्शित होंगी, जो वर्तमान विषयों और विशेषकर वाइल्डलाइफ पर आधारित हैं। सुरंजन बसु और रेबा होर जैसे दिग्गज कलाकारों के मंच पर यह आयोजन उनके कला करियर के लिए एक बड़ी और ऐतिहासिक उपलब्धि है।

पेंटिंग्स के साथ तीर्थ बनर्जी|Arthik Dhara Photo
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