आसनसोल। बीरभूम के इलमबाजार के जॉयदेव केंडुली इलाके के साहापुर
और बोडीपुर गांव इलाके में दुर्लभ प्रजाति का लकड़बग्घा घुस आया। ग्रामीणों की सूचना
पर पहुंचे वन कर्मचारियों ने उसका रेस्क्यू किया। लेकिन कुछ ही घंटों के बाद उसकी मौत
हो गई। वन विभाग के स्तर से इसकी जांच शुरू की गई है। सबसे पहले ग्रामीणों ने इसे देखा।
जिससे दहशत फैल गई। इसकी सूचना जॉयदेव केंडुली पुलिस चौकी और फॉरेस्ट डिपार्टमेंट को
दी गई। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद लकड़बग्घे को पकड़ा गया। रेस्क्यू के कुछ ही घंटों
में लकड़बग्घा सुस्त होने लगा और बाद में उसकी मौत हो गई। जिला वन अधिकारी राहुल कुमार
ने कहा कि लकड़बग्घा दुर्लभ प्रजाति का जानवर है। यह वाइल्डलाइफ कंजर्वेशन एक्ट के
शेड्यूल वन में लिस्टेड है और बहुत सुरक्षित है। बॉडी को ऑटोप्सी के लिए भेज दिया गया
है। पूरी जांच के बाद ही पता चलेगा कि लकड़बग्घे की मौत किस वजह से हुई। वाइल्डलाइफ
लवर्स इस घटना में फॉरेस्ट डिपार्टमेंट के रेस्क्यू प्रोसेस पर सवाल उठा रहे हैं।

