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23 सितम्बर : महान गीतकार राजेन्द्र कृष्ण की पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि

23 सितंबर को राजेन्द्र कृष्ण की पुण्यतिथि मनाई गई, जो हिन्दी सिनेमा के स्वर्णिम युग के अमर गीतकार थे। उन्होंने चार दशकों तक सैकड़ों फिल्मों के लिए गीत लिखे, जिनमें से कई आज भी संगीत प्रेमियों के हृदय में जीवित हैं।

आर्थिक धारा डेस्क
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23 सितंबर 2026 को 09:36 pm बजे
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23 सितम्बर : महान गीतकार राजेन्द्र कृष्ण की पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि
23 सितम्बर : महान गीतकार राजेन्द्र कृष्ण की पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि|Arthik Dhara Photo

मुंबई : हिन्दी सिनेमा के स्वर्णिम युग में यदि कुछ गीतकारों ने अपने शब्दों से प्रेम, विरह, भक्ति, हास्य और जीवन-दर्शन को अमर बना दिया, तो उनमें राजेन्द्र कृष्ण (राजिन्दर कृष्ण) का नाम अत्यंत सम्मान के साथ लिया जाता है। उनका जन्म 6 जून 1919 को वर्तमान पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के जलालपुर जट्टां में हुआ था और 23 सितम्बर 1987 को वे इस संसार को अलविदा कह गए। लगभग चार दशकों के अपने शानदार फिल्मी सफर में उन्होंने सैकड़ों फिल्मों के लिए गीत, संवाद और पटकथाएँ लिखीं।
राजेन्द्र कृष्ण बचपन से ही कविता और शायरी के प्रति आकर्षित थे। शिमला में नौकरी करते हुए भी उन्होंने लेखन नहीं छोड़ा। 1940 के दशक में वे मुंबई आए और धीरे-धीरे हिन्दी फिल्म जगत के सबसे लोकप्रिय गीतकारों में शामिल हो गए। उनकी लेखनी की सबसे बड़ी विशेषता थी—सरल शब्दों में गहरी भावनाएँ व्यक्त करना।
उनके लिखे अनेक गीत आज भी संगीत प्रेमियों की धड़कनों में बसे हुए हैं—
🎵 लग जा गले – वो कौन थी
🎵 नैना बरसे रिमझिम रिमझिम – वो कौन थी
🎵 इतना ना मुझसे तू प्यार बढ़ा – छाया
🎵 जाग दर्द-ए-इश्क जाग – अनारकली
🎵 तुम ही मेरे मंदिर, तुम ही मेरी पूजा – खानदान
🎵 एक चतुर नार करके सिंगार – पड़ोसन
🎵 चुप-चुप खड़े हो ज़रूर कोई बात है – बड़ी बहन
उनके गीतों में प्रेम की कोमलता भी थी, दर्द की गहराई भी, और जीवन की सादगी भी। यही कारण है कि पीढ़ियाँ बदल गईं, लेकिन उनके लिखे गीत आज भी उतने ही ताज़ा और भावपूर्ण लगते हैं।
राजेन्द्र कृष्ण को वर्ष 1965 में "तुम ही मेरे मंदिर, तुम ही मेरी पूजा" गीत के लिए फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ गीतकार पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
आज उनकी पुण्यतिथि पर हम उस शब्द-शिल्पी को नमन करते हैं, जिसने हिन्दी फिल्म संगीत को अनगिनत अमर गीतों की सौगात दी। उनके शब्द समय की सीमाओं से परे हैं और सदैव संगीत प्रेमियों के हृदय में जीवित रहेंगे।
🙏 भावपूर्ण श्रद्धांजलि, राजेन्द्र कृष्ण जी।न्यूज़ फास्ट।
आपके लिखे गीत सदैव हमारी स्मृतियों में गूंजते रहेंगे।
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आर्थिक धारा संपादकीय डेस्क — वित्तीय बाजार, अर्थव्यवस्था, कॉर्पोरेट जगत और राष्ट्रीय मामलों पर निष्पक्ष, सटीक एवं विश्वसनीय विश्लेषण।

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