आसनसोल। दिल्ली की तर्ज पर बंगाल में भी विभिन्न विरोधी छात्र
संगठनों को एकजुट करने की पहल शुरू हो गई है। विपक्षी राजनीतिक दलों को एकजुट करने
में सीपीएम महासचिव एमए बेबी ने सार्थक पहल की है। बंगाल में यह पहल सीपीएम की
छात्र यूनियन एसएफआई ने की है। सभी सेक्युलर डेमोक्रेटिक स्टूडेंट ऑर्गनाइज़ेशन को
एक मंच पर लाने की कोशिश हो रही है ताकि इलेक्शन कमीशन और केंद्र सरकार के खिलाफ़ आंदोलन
को तेज़ किया जा सके। SFI के महासचिव सृजन भट्टाचार्य ने ऐसी सभी स्टूडेंट यूनियनों
को लेटर भेज रहे हैं। जल्दी ही सभी को एक साथ लाने और मीटिंग करने की पहल की जाएगी।
SFI ने इलेक्शन कमीशन की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं और वोटर लिस्ट में
बदलाव की चल रही प्रक्रिया को वापस लेने की मांग की है। उन्होंने अलग-अलग स्टूडेंट
और यूथ ऑर्गनाइज़ेशन से 10 अक्टूबर को दिल्ली में होने वाली स्टूडेंट और यूथ रैली में
शामिल होने की अपील की है, जिसमें कमीशन पर डेमोक्रेटिक और चुनावी अधिकारों में कटौती
करने का आरोप लगाया है। इस माहौल में, इंडी अलायंस के मॉडल पर एंटी-BJP अलायंस बनाने
की खबरें सामने आ रही हैं। SFI के जनरल सेक्रेटरी सृजन भट्टाचार्य ने कहा कि लोग धीरे-धीरे
इलेक्शन कमीशन की भूमिका पर भरोसा करना छोड़ रहे हैं। यह स्थिति देश के डेमोक्रेटिक
सिस्टम के लिए चिंताजनक है। सृजन ने आरोप लगाया कि वोटर लिस्ट ठीक से तैयार नहीं की
गई। खासकर, कई युवा और योग्य वोटरों के नाम लिस्ट से बाहर कर दिए गए हैं। ऐसे में,
इंडी अलायंस जैसे स्टूडेंट्स और युवाओं को मिलकर लड़ना होगा। इसलिए, SFI सभी स्टूडेंट
ऑर्गनाइजेशन को लेटर लिखने जा रही है।

