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स्वर्गीय बिनोद बिहारी महतो को भी मिले दिशोम गुरु शिबू सोरेन जैसा सम्मान, जयराम महतो ने उनकी जयंती पर सरकार की मांग

झारखंड आंदोलन के प्रणेता स्वर्गीय बिनोद बिहारी महतो की 103वीं जयंती धनबाद के विभिन्न स्थानों पर मनाई गई, जिसमें उनके 'पढ़ो और लड़ो' के संदेश को याद करते हुए शिक्षा और सामाजिक समानता पर जोर दिया गया। * **प्रतिमा स्थापित करने की मांग:** डुमरी विधायक जयराम महतो ने मांग की कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन की तरह ही उनके गुरु बिनोद बाबू को भी राज्य के हर प्रखंड और जिले में प्रतिमाएं स्थापित कर समान सम्मान दिया जाए। * **नेताओं का समर्थन:** जयराम महतो ने विधायक मथुरा प्रसाद महतो से इस दिशा में पहल करने का आग्रह किया। समारोह में मंत्री योगेंद्र प्रसाद और सिंदरी विधायक चंद्रदेव महतो ने भी बिनोद बाबू के विचारों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। * **बलियापुर में सम्मान समारोह:** बलियापुर के बीबीएम इंटर कॉलेज में आयोजित समारोह में विभिन्न क्षेत्रों की उत्कृष्ट प्रतिभाओं और किसानों को सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि विधायक चंद्रदेव महतो ने बिनोद बाबू के विचारों को नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्त्रोत बताया।

आर्थिक धारा डेस्क
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23 सितंबर 2026 को 10:03 pm बजे
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स्वर्गीय बिनोद बिहारी महतो को भी मिले दिशोम गुरु शिबू सोरेन जैसा सम्मान, जयराम महतो ने उनकी जयंती पर सरकार की मांग
बिनोद बिहारी महतो को दिशोम गुरु शिबू सोरेन जैसा सम्मान|Arthik Dhara Photo

धनबाद : झारखंड आंदोलन के महान प्रणेता और ‘झारखंड के भीष्म पितामह’ कहे जाने वाले स्वर्गीय बिनोद बिहारी महतो की 103वीं जयंती मनाई गई. इस मौके पर मंत्री योगेंद्र प्रसाद समेत डुमरी विधायक जयराम महतो, टुंडी विधायक मथुरा प्रसाद महतो और सिंदरी विधायक चंद्रदेव महतो ने बिनोद बाबू को श्रद्धांजलि दी.

अलग-अलग प्रखंडों में प्रतिमा लगाने की मांग
इस बीच जयंती समारोह में विधायक जयराम महतो ने एक अहम मांग उठाई. उन्होंने कहा कि जिस तरह दिशोम गुरु शिबू सोरेन को झारखंड में सम्मान दिया जा रहा है, उसी तरह बिनोद बिहारी महतो को भी सम्मान मिलना चाहिए. जयराम महतो ने कहा कि शिबू सोरेन के निधन के बाद राज्य के अलग-अलग जिलों, प्रखंडों और कस्बों में उनकी प्रतिमाएं लगाई जा रही हैं, लेकिन बिनोद बाबू को उस स्तर का सम्मान नहीं मिल रहा है.
बिनोद बिहारी महतो और दिशोम गुरु शिबू सोरेन के रिश्ते का जिक्र
जयराम महतो ने बिनोद बिहारी महतो और शिबू सोरेन के रिश्ते का जिक्र करते हुए कहा कि बिनोद बाबू उनके गुरु थे और शिबू सोरेन उनके शिष्य. ऐसे में दोनों को समान सम्मान मिलना चाहिए. उन्होंने टुंडी विधायक मथुरा प्रसाद महतो से भी बिनोद बाबू की प्रतिमाएं स्थापित कराने की दिशा में पहल करने की मांग की.

‘पढ़ो और लड़ो’ के संदेश पर मंथन
धनबाद के एक होटल में लवकुश सेवा संघ की ओर से स्वर्गीय बिनोद बिहारी महतो की जयंती समारोह का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में बिनोद बिहारी महतो के विचारों और झारखंड आंदोलन में उनके योगदान को याद किया गया. वक्ताओं ने कहा कि ‘पढ़ो और लड़ो’ का उनका संदेश आज भी समाज के वंचित और पिछड़े वर्गों के साथ युवाओं को शिक्षा और अधिकार के प्रति जागरूक करता है.

दिशोम गुरु शिबू सोरेन की तरह मिले सम्मान: जयराम महतो
बिनोद बाबू ने शिक्षा को सामाजिक बदलाव का हथियार माना और सामाजिक असमानता तथा शोषण के खिलाफ लोगों को संगठित करने का काम किया. इसी दौरान डुमरी विधायक जयराम महतो ने बिनोद बिहारी महतो को सम्मान देने को लेकर अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन के बाद झारखंड के अलग-अलग हिस्सों में उनकी प्रतिमाएं स्थापित की जा रही हैं और उन्हें सम्मान दिया जा रहा है.
जयराम महतो का कहना है कि बिनोद बिहारी महतो को भी उसी तरह सम्मान मिलना चाहिए. उन्होंने कहा कि झारखंड आंदोलन के इतिहास में बिनोद बाबू की भूमिका महत्वपूर्ण रही है और शिबू सोरेन के राजनीतिक-सामाजिक सफर में भी बिनोद बाबू का योगदान रहा है.

बिनोद बिहारी महतो की प्रतिमा लगाने की मांग
जयराम महतो ने टुंडी विधायक मथुरा प्रसाद महतो से भी आग्रह किया कि बिनोद बिहारी महतो की स्मृति को स्थाई रूप देने के लिए उनकी प्रतिमाएं स्थापित कराने और उन्हें उचित सम्मान दिलाने की दिशा में पहल की जाए.

बिनोद बिहारी महतो के योगदान को किया गया याद
वहीं, समारोह में मौजूद मंत्री योगेंद्र प्रसाद और सिंदरी विधायक चंद्रदेव महतो ने भी बिनोद बाबू के योगदान को याद करते हुए उनके विचारों को आगे बढ़ाने की बात कही. झारखंड आंदोलन के इतिहास में बिनोद बिहारी महतो का नाम एक महत्वपूर्ण अध्याय के तौर पर दर्ज है. उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि के बीच अब उनकी प्रतिमाओं और सम्मान को लेकर उठी जयराम महतो की मांग ने बिनोद बाबू की विरासत को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है.

बलियापुर में भी मनाई गई बिनोद बिहारी महतो की जयंती
धनबाद के बलियापुर के बीबीएम इंटर कॉलेज परिसर में आयोजित 103वीं बिनोद जयंती समारोह की शुरुआत बिनोद बाबू के चित्र पर माल्यार्पण और श्रद्धासुमन अर्पित कर की गई. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में क्षेत्र के लोग शामिल हुए. समारोह के दौरान प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें अलग-अलग क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया.
नई पीढ़ी के लिए भी प्रेरणास्त्रोत हैं बिनोद बिहारी महतो : विधायक चंद्रदेव महतो
वहीं, किसानों को भी सम्मान देकर उनके योगदान को रेखांकित किया गया. आयोजकों ने कहा कि समाज के निर्माण में शिक्षा, प्रतिभा और कृषि क्षेत्र की अहम भूमिका है और इन क्षेत्रों से जुड़े लोगों का सम्मान नई पीढ़ी को प्रेरणा देता है.
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सिंदरी विधायक चंद्रदेव महतो रहे. उन्होंने बिनोद बाबू के जीवन और उनके विचारों को याद करते हुए कहा कि बिनोद बाबू ने शिक्षा और सामाजिक जागरूकता को समाज की मजबूती का आधार माना. उनका संदेश आज भी युवाओं के लिए प्रासंगिक है.
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आर्थिक धारा संपादकीय डेस्क — वित्तीय बाजार, अर्थव्यवस्था, कॉर्पोरेट जगत और राष्ट्रीय मामलों पर निष्पक्ष, सटीक एवं विश्वसनीय विश्लेषण।

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