धनबाद। बारामुड़ी खटाल
खाली करने का अल्टीमेटम! CO ने नोटिस चस्पाकर दी 2 नवंबर की डेडलाइन। इधर शहर के बारामुड़ी
खटाल को लेकर सियासत तेज हो गई है। गरीब परिवारों के उजड़ने की आशंका के बीच सांसद
ढुल्लू महतो प्रभावित परिवारों से मिल चुके हैं। उन्होंने जिला प्रशासन को दोटूक चेतावनी
देते हुए कहा है कि गरीबों के आशियाने उजाड़ने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने
कहा कि ढुल्लू महतो जिंदा है, खटाल नहीं हटेगा। ढुलू महतो के समर्थक उन्हें टाइगर कहते
हैं। सांसद ने कहा कि इलाके में विकास कार्यों को लेकर जिला प्रशासन के साथ बातचीत
की जा सकती है। पीसीसी सड़क निर्माण, बिजली के खंभे लगाने और प्रधानमंत्री आवास योजना
के तहत जरूरतमंदों को घर उपलब्ध कराने जैसे मुद्दों पर वह प्रशासन के साथ बैठकर चर्चा
करने को तैयार हैं। हालांकि, खटाल हटाने के मुद्दे पर किसी तरह का समझौता नहीं होगा।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि खटाल जहां है, वहीं रहेगा और गरीब परिवारों को बेघर नहीं होने
दिया जाएगा। शहरी क्षेत्र में खटाल नहीं रखने के सवाल पर सांसद ने तत्कालीन उपायुक्त
बीला राजेश का जिक्र करते हुए कहा कि इस खटाल को उनके कार्यकाल में बसाया गया था। उन्होंने
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार में रहते हुए दिखावा नहीं चलेगा और दोहरा
चरित्र नहीं अपनाना चाहिए। कांग्रेस की ओर से बनाए जा रहे वीडियो पर भी उन्होंने सवाल
उठाए और उसे गलत बताया।
ढुल्लू महतो ने कहा
कि खटाल हटाने को लेकर जहां-जहां समस्या आई है, वहां उन्होंने खड़े होकर लोगों को बचाने
का प्रयास किया है। बारामुड़ी में आपराधिक गतिविधियों के आरोपों पर उन्होंने जिला प्रशासन
से रिकॉर्ड सामने लाने की मांग की। उनका कहना था कि यदि इलाके में अपराध की समस्या
है, तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए, न कि पूरी बस्ती को हटाने का प्रयास
होना चाहिए।

