आसनसोल। एक ओर ढाक
की गूंज, रोशनी की जगमगाहट और मां दुर्गा की आराधना में पूरा बंगाल डूबा हुआ है, तो
दूसरी ओर दुर्गापूजा के दौरान मंदिर के पीछे नवजात बच्ची लावारिस हालत में मिली। उत्सव
के माहौल के बीच ऐसी अमानवीय घटना ने सालानपुर के देंन्दुआ इलाके को झकझोर दिया। स्थानीय
लोगों से सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बच्ची को बरामद किया। इसके बाद पिठाकियारी
ग्रामीण अस्पताल में उसका इलाज शुरू किया गया। अस्पताल में भर्ती एक अनजान महिला ने
भी बच्ची को अपना स्तनपान कराकर ममता की अनूठी मिसाल पेश की।
ब्लॉक स्वास्थ्य अधिकारी
डॉ. तन्मय मंडल के निर्देश पर अस्पताल में बच्ची का उपचार शुरू किया गया। चिकित्सकों
और नर्सों ने उसकी देखभाल करते हुए स्थिति संभालने का प्रयास किया। इसी दौरान भूख से
बिलख रही बच्ची को शांत कराने के लिए अस्पताल में भर्ती एक अनजान महिला आगे आईं। उन्होंने
अपने स्तनपान के जरिए बच्ची को शांत किया और उसे ममता का सहारा दिया। दुर्गोत्सव के
माहौल में यह दृश्य मानवता और मातृत्व की एक अनूठी मिसाल बन गया। प्राथमिक उपचार के
बाद बेहतर चिकित्सा व्यवस्था के लिए बच्ची को आसनसोल जिला अस्पताल स्थानांतरित कर दिया
गया। वहीं, सालानपुर थाना पुलिस की ओर से चाइल्ड वेलफेयर कमेटी को भी मामले की जानकारी
दी गई है।

